World Hindi Day 2023: दुनियाभर में आज 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। विश्व हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य भाषा को बढ़ावा देना है। इसी दिन 10 जनवरी को पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी बोली गई थी। विश्व हिंदी दिवस और हर साल 14 सितंबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय हिंदी दिवस से अलग है। भारत की संविधान सभा ने 1949 में हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में अपनाया और मान्यता दी है।
जानिए विश्व हिंदी दिवस का इतिहास
पहली बार 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आदेश पर विश्व हिंदी दिवस मनाया गया था। 10 जनवरी को ही क्यों विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है, तो बता दें कि 10 जनवरी की तारीख विश्व हिंदी दिवस के लिए इसलिए चुनी गई क्योंकि 1949 में इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में पहली बार हिंदी बोली गई थी।
इसके अलावा इसी दिन 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने हिंदी विद्वानों, लेखकों और पुरस्कार विजेताओं को एक साथ लाने के लक्ष्य के साथ विश्व हिंदी सम्मेलन की स्थापना की थी, जिन्होंने भाषा के विकास में योगदान दिया है और उनके प्रयासों को महत्व दिया है।
पहला विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन भी 10 जनवरी को हुआ था पहला विश्व हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन 10 जनवरी 1975 को हुआ था। यह विश्व हिंदी सम्मेलन 10 से 12 जनवरी,1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था। मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम इस सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस सम्मेलन में लगभग 30 देशों के 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
हिंदी के लेकर जानें ये तथ्य
2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत में हिंदी बोलने वालों की संख्या 43.63 प्रतिशत है, जो देश की सभी भाषाओं में सबसे अधिक है। -हिंदी दुनिया भर के लगभग 430 मिलियन लोगों की पहली भाषा है। -हिंदी को संस्कृत भाषा का वंशज कहा जाता है। हिंदी में शब्द और व्याकरण प्राचीन भाषा का अनुसरण करते हैं। -भारत में बोली जाने के अलावा, भाषा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नेपाल, फिजी, मॉरीशस आदि सहित दुनिया के कई हिस्सों में भी बोली जाती है। -हिंदी और नेपाली भाषा की एक ही लिपि है, जो देवनागरी है। – हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया है।