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TTD:तिरुमला तिरुपति मंदिर के पास है कुल कितनी प्रॉपर्टी ? सोना-जमीन समेत पूरी डिटेल देखिए

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, तिरुपति: तिरुमला तिरुपति स्थित भगवान वेंकटेश्वर मंदिर विश्व की सबसे अमीर हिंदू धार्मिक संस्था है। इस मंदिर के पास जितनी ही जमीन है, उसका खजाना उतना ही सोने से भरा हुआ है। इस पवित्र मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था ही ऐसी है कि वह दान के रूप में इस मंदिर को मोटी रकम के साथ-साथ सोना-चांदी और अचल प्रॉपर्टी देते रहते हैं। हर दिन-हर महीने कोई नया रिकॉर्ड बनता है। सिर्फ हिंदू ही नहीं, भगवान वेंकटेश्वर के प्रति भक्ति और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के समाज सेवा के भाव के प्रति समर्पण देखकर दूसरे धर्मों के लोग में भी यहां दिल खोल कर दान देते हैं। काफी दिनों बाद इस मंदिर की कुल संपत्ति का पूरा ब्योरा हाथ लगा है।

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पास कुल 960 प्रॉपर्टी:

विश्व में सबसे बड़ी हिंदू अक्षयनिधि संस्था तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने पूरी दुनिया में अपने 960 प्रॉपर्टी की घोषणा की है, जिसकी आधिकारिक कीमत 85,705 करोड़ रुपए बताई गई है। लेकिन, जानकारों की मानें तो यह आंकड़ा, सिर्फ सरकारी अनुमानों पर आधारित है। लेकिन,टाइम्स ऑफ इंडिया से कुछ अधिकारियों ने कहा है कि अगर इसकी कुल संपत्ति का बाजार मूल्य देखा जाए तो यह इससे कम से कम डेढ़ गुना ज्यादा हो सकती है।

टीटीडी के पास करीब 2 लाख करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी का अनुमान

मतलब आधिकारिक आंकड़ों के हिसाब से तो तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के पास महज 85,705 करोड़ रुपए की संपत्ति है। लेकिन, इसके डेढ़ गुना ज्यादा के हिसाब से अनुमान लगाने पर यह संपत्ति करीब 2 लाख करोड़ रुपए हो जाती है। हाल के वर्षों में यह पहली बार हुआ है कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुपते के भगवान वेंकटेश्वर मंदिर को संचालित करने वाली संस्था ने अपनी प्रॉपर्टी का ब्योरा दिया है। हम आपको यह भी बताने वालै हैं कि इतनी संपत्ति के हिसाब से देश की कुछ बड़ी कंपनियों के मूल्यांकन के अनुसार यह मंदिर कितना धनाढ्य है।

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अप्रैल के बाद से मिले 700 करोड़ रुपए के दान

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम की दौलत का यह ताजा आंकड़ा ऐसे समय में आया है, जब पिछले पांच महीनों में दान के माध्यम से मंदिर को होने वाली आमदनी काफी बढ़ गई है। अप्रैल के बाद से मंदिर को मिला हुंडी दान कुल 700 करोड़ रुपए को पार कर चुका है, जो कि कोरोना से पहले वाले दौर से भी ज्यादा है। भगवान वेंकटेश्वर के प्रति लोगों की अगाध आस्था है, तो उनके लिए दान भी बढ़ता जा रहा है और इसकी वजह से टीटीडी ने देश के विभिन्न भागों में मंदिरों का भी निर्माण शुरू किया है और अमेरिका समेत कई और देशों में भी वह ऐसा कर रहा है।

इन जगहों पर भी बन रहा है भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम मुंबई के पास नवी मुंबई में एक विशाल मंदिर बना रहा है। यह मंदिर 10 एकड़ के प्लॉट पर बन रहा है। अकेले इस जमीन की अनुमानित कीमत 500 करोड़ रूपए है, मंदिर बनाने पर आने वाली लागत करीब 70 करोड़ रुपए की होगी। करीब 60 एकड़ में एक मंदिर यह ट्रस्ट माता वैष्णो देवी के पास भी बनवा रहा है। वहीं गुजरात सरकार की ओर से भी इसे मंदिर निर्माण के लिए अहमदाबद में ट्रस्ट को जमीन देने का वादा किया गया है।

तिरुमला मंदिर के पास 7,123 एकड़ से ज्यादा जमीन

शनिवार को टीटीडी के चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी ने कहा है कि तिरुमला मंदिर ट्रस्ट के पास देशभर में 7,123 एकड़ से ज्यादा जमीन है। उन्होंने बताया कि 1974 से लेकर 2014 के बीच में राज्य की विभिन्न सरकारों के दौरान इस ट्रस्ट ने 113 प्रॉपर्टी बेच दी। हालांकि, उन्होंने इसका कोई कारण नहीं बताया, लेकिन यह सारी सरकारें वाईएसआरसीपी की सरकार आने से पहले की हैं। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि 2014 के बाद टीटीडी ने ना तो कोई संपत्ति बेची है और ना ही इसका भविष्य में ऐसा कोई इरादा है।

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तिरुमला मंदिर के पास लगभग 14 टन सोना

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट के पास ना सिर्फ 7,123 एकड़ जमीन है, बल्कि उसने 14,000 करोड़ रुपए से ज्यादा विभिन्न बैंकों में फिक्स करा रखे हैं। जबकि, अगर सिर्फ इसके खजाने में जमा सोने की बात की जाए तो वह करीब 14 टन के बराबर है। दुनिया में किसी भी हिंदू धार्मिक संस्था के पास इतनी ज्ञात प्रॉपर्टी नहीं है। वैसे, दक्षिण भारत के कई और मंदिरों के पास भी अकूत खजाना दबा पड़े होने का अनुमान है, जिसके बारे में कोई पुख्ता सूचना मौजूद नहीं है।

तिरुपति मंदिर की संपत्ति कई बड़ी कंपनियों से ज्यादा अब तिरुपति मंदिर की संपत्ति की तुलना देश की कुछ महत्वपूर्ण कंपनियों की वैल्यू से कर ली जाए। दवाई की कंपनी सन फार्मा का मार्केट कैप 2. 2 लाख करोड़ रुपए का है, जिसकी रैंक भारत में 26वीं है। वहीं विप्रो का वैल्यू 2. 16 लाख करोड़ रुपए है और वह 27वीं रैंक पर है। वहीं अडानी पोर्ट एंड एसईजेड 1.9 लाख करोड़ रुपए के साथ 28 नंबर पर है।