MP में 50% से अधिक नुकसान होने पर किसान को प्रति हेक्टेयर ₹32 हजार की राहत राशि देंगे: मुख्यमंत्री
Madhya Pradesh agriculture news: एमपी में पिछले कुछ दिनों से हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। प्रदेश के 20 जिलों के करीब 520 गांवों में अधिक नुकसान हुआ है। विधानसभा में लगातार मुआवजे की मांग को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (shivraj singh chauhan) ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है। किसानों की बर्बाद फसल का निरीक्षण करने आज विदिशा पहुंचे सीएम शिवराज ने कहा कि 50% से अधिक नुकसान होने पर पीड़ित किसान को प्रति हेक्टर ₹32 हजार की राहत राशि दी जाएगी।
ईमानदारी से होगा सर्वे: CM शिवराज ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि आज विदिशा जिले के ओलावृष्टि एवं अतिवर्षा से प्रभावित विभिन्न ग्रामों में फसलों का जायजा लिया और संकटग्रस्त किसानों को सहायता का आश्वासन दिया। अभी मैं ओला प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहा हूं। मैंने पहले ही फसल सर्वे के आदेश दे दिए हैं। हर किसान के खेत का ईमानदारी से सर्वे होगा। गेंहू, चना, मसूर, सरसों और हार्टिकल्चर सहित सभी फसलों का सर्वे होगा। किसानों को राहत देने के लिए उदारतापूर्वक सर्वे हो, कोई कोताही न हो। मेरे किसान भाइयों – बहनों, इसके अलावा फसल बीमा की राशि अलग से दी जाएगी।
कर्ज वसूली कर दी जाएगी स्थगित: CM सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रभावित किसानों से कर्ज वसूली स्थगित कर दी जाएगी। कर्ज का ब्याज भी सरकार ही भरवाएगी। पशुओं के नुकसान के लिए भी राहत राशि हम देंगे। किसान खेत में सिर्फ पानी नहीं अपने खून-पसीने की बूंदे भी टपकते हैं तब जाकर घर में अन्न के दाने आते हैं। लेकिन फसल आने से पहले यदि प्राकृतिक आपदा आ जाए तो किसान बुरी तरह टूट जाता है।
₹32 हजार की राहत राशि सीएम ने विदिशा में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि हमने तय किया है कि 50% से अधिक नुकसान होने पर पीड़ित किसान को प्रति हेक्टेयर ₹32 हजार की राहत राशि देंगे। सिर्फ फसल ही नहीं अन्य नुकसान की भी पूर्ति की जाएगी। गाय-भैंस की मृत्यु होने पर ₹37 हजार, भेड़-बकरी की हानि होने पर ₹4 हजार देंगे। बछड़ा-बछिया पर ₹20 हजार और मुर्गा-मुर्गी की हानि होने पर प्रति मुर्गा-मुर्गी ₹100 दिए जाएंगे। मकानों के नुकसान की भी भरपाई की जाएगी। CM शिवराज ने बताया कि फसल बीमा योजना की कार्रवाई भी तत्काल प्रारंभ कर दी गई है। राहत राशि और फसल बीमा योजना दोनों को मिलाकर किसानों के नुकसान की भरपाई की जाएगी। जिन किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान होगा उनकी कर्ज वसूली स्थगित कर दी जाएगी और ब्याज सरकार भरवाएगी।