अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, भोपाल। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान 6 जुलाई बुधवार को है। इस बार नगर निगम सीमा में वोटरों को महापौर सहित पार्षद के लिए भी मतदान करना है। मतदान के लिए मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग ईवीएम मशीने इंटरलिंक की गई हैं। इन ईवीएम मशीनों पर हर मतदाता को 2 बार वोट करना होगा। 1 महापौर प्रत्याशी के लिए और दूसरा पार्षद प्रत्याशी के लिए बटन को दबाना होगा। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटरों के लिए 1 नई शर्त भी जोड़ी है। इसके मुताबिक शत प्रतिशत मतदान करने के लिए महापौर समेत पार्षद पद के लिए भी बटन दबाना होगा। किसी 1 बटन को दबाने से मतदान पूरा नहीं होगा।
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान 6 जुलाई बुधवार को है। इस बार नगर निगम सीमा में वोटरों को महापौर सहित पार्षद के लिए भी मतदान करना है। मतदान के लिए मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग ईवीएम मशीने इंटरलिंक की गई हैं। इन ईवीएम मशीनों पर हर मतदाता को 2 बार वोट करना होगा।
1 महापौर प्रत्याशी के लिए और दूसरा पार्षद प्रत्याशी के लिए बटन को दबाना होगा। इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने वोटरों के लिए 1 नई शर्त भी जोड़ी है। इसके मुताबिक शत प्रतिशत मतदान करने के लिए महापौर समेत पार्षद पद के लिए भी बटन दबाना होगा। किसी 1 बटन को दबाने से मतदान पूरा नहीं होगा।नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण में 49 जिलों के 133 नगरीय निकाय मैं वोट डाले जाएंगे। 11 नगर निगम, 36 नगर पालिका और 86 नगर परिषद में वोटिंग होगी। निर्वाचन आयोग के जानकारी अनुसार संवेदनशील मतदान केंद्रों की ड्रोन कैमरा से निगरानी रखी जाएगी।
इस चुनाव में ट्रांसपेरेंसी के लिए इस बार डीएमएम के जरिये एक-एक मतदान का आंकड़ा रखा जाएगा। मतदान के दिन सभी 49 जिलों में अवकाश रहेगा। निकाय चुनाव के प्रथम चरण के लिए मध्य प्रदेश में 13148 पोलिंग बूथ तैयार किए गए हैं। इसमें 3503 पोलिंग बूथ संवेदनशील हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर मोबाइल पार्टियों और सेक्टर मजिस्ट्रेट एक्टिव रहेंगे। नगरीय निकाय चुनाव के प्रथम चरण में मतदान ईवीएम से होगा।
नगरीय निकाय महापौर और पार्षद के चुनाव में इस बार नोटा भी उपयोग किया जा सकता है। जहां 15 या 15 से कम प्रत्याशी होंगे। वहां एक कंट्रोल यूनिट होगी और जहां अधिक प्रत्याशी होंगे वहां एक अतिरिक्त बैलेट यूनिट लगाई जाएगी। नगरिया निकाय चुनाव में ट्रांसपेरेंसी के लिए डिटैचेबल मेमोरी मॉड्यूल का इस्तेमाल किया जा रहा है।