राजधानी भोपाल का हमीदिया अस्पताल देश का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बनने जा रहा है, जहां डेंटिस्ट्री डिपार्टमेंट (दंत चिकित्सा विभाग) में हेयर ट्रांसप्लांट किया जाएगा। डेंटल काउंसलिंग ऑफ इंडिया (DCI) ने हाल ही में ट्रेंड ओरल एंड मैक्सो फेसियल सर्जन को हेयर ट्रांसप्लांट के लिए चर्चा की थी। इसके बाद डीसीआई द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी। जिसके बाद हमीदिया अस्पताल ने कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। नए साल में हो सकता है कि प्रदेशवासियों को इस सुविधा का लाभ मिलने लगे।
बता दे अब तक प्लास्टिक सर्जन और ट्रेंड स्किन स्पेशलिस्ट को ही हेयर ट्रांसप्लांट के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन अब डीसीआई ने इसी महीने ओरल एंड मैक्सोफेशियल सर्जन को हफ्ते भर की ट्रेनिंग देकर ट्रांसप्लांट के लिए अधिकृत किया है। बताया जा रहा है कि हमीदिया अस्पताल के दंत चिकित्सा विभाग में इसके लिए सुविधाओं का विस्तार करना शुरू कर दिया है। विभाग ने एक ओरल एंड मैक्सोफेशियल सर्जन का पद स्वीकृत किया है। विभाग की ओर से अन्य स्टाफ की डिमांड भी आला अधिकारियों से की जा रही है। हमीदिया अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सुविधाएं उपलब्ध होने पर 3 से 4 महीने में दंत चिकित्सा विभाग हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध करा सकता है।
भोपाल हमीदिया हॉस्पिटल के दंत चिकित्सा विभाग की ओर से दो एसआर और तीन जेआर मुहैया कराने की मांग की गई है साथ ही दो ओरल एंड मैक्सोफेसियल सर्जन और नर्सिंग स्टाफ के साथ ही दूसरे कर्मचारियों को आवश्यक ट्रेनिंग दिलाएं जाने के लिए भी कहा गया हैं।
हेयर ट्रांसप्लांट सर्जरी में लगते हैं 7 घंटे
7 घंटे तक चलने वाली है ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए डेडीकेट ऑपरेशन थिएटर और सहयोगी स्टाफ की आवश्यकता होती है। फिलहाल अभी हमीदिया हॉस्पिटल में नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग चल रही है,ऐसे में ना ऑपरेशन थिएटर की कमी है, ना ही सहयोगी स्टाफ की। बता दे हमीदिया के प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट में हेयर ट्रांसप्लांट की निशुल्क सुविधा थी लेकिन 5 साल से यह बंद है ऐसे में लोगों को झोलाछाप डॉक्टरों से हेयर ट्रांसप्लांट कराना पड़ रहा है जो कि एक सर्जरी के ₹2 लाख तक वसूलते हैं।