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साल का पहला चंद्र ग्रहण खत्म, भारत में इस चंद्र ग्रहण को नहीं देखा गया, जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं

आज साल 2022 का पहला चंद्र ग्रहण शुरू हो चुका है। यह चंद्र ग्रहण पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। दुनिया के कई हिस्सों में इस ग्रहण को देखा जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 16 मई की सुबह 8 बजकर 58 मिनट से आरंभ हो गया है। भारत में इस चंद्र ग्रहण को नहीं देखा जा सकेगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है तब पृथ्वी का छाया चंद्रमा पर पड़ती तो इसे ही चंद्र ग्रहण कहते हैं।

अगला चंद्र ग्रहण 8 नवंबर 2022 को

साल का पहला चंद्र ग्रहण अब खत्म हो गया है। इसके बाद 25 अक्तूबर को साल का दूसरा सूर्य ग्रहण पड़ेगा। जबकि दूसरा चंद्र ग्रहण 8 नवंबर को होगा।

ग्रहण खत्म होने पर जरूर करें यह काम

– ग्रहण समाप्त होने के बाद तुलसी के पौधे में समेत पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
– ग्रहण खत्म होने के बाद ही गर्भवती महिला को तुरंत स्नान करना चाहिए।
– ग्रहण के खत्म होने के बाद दान करने का विशेष महत्व होता है। इसमें तिल औरचने की दाल का दान अवश्य करें। ऐसा करने से जीवन की समस्याएं और संकटों से छुटकारा मिलता है।
– ग्रहण खत्म होने के बाद अपने आराध्य देव के दर्शन अवश्य करना चाहिए।

वैशाख पूर्णिमा और चंद्रग्रहण के बाद जरूर जल और अन्न का दान

वैशाख पूर्णिमा के दिन अन्न,जल, दूध, फल, चावल,जूते और छाता दान करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है। गरीबों, साधु, महात्मा तथा ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए और उन्हें जरूरत की वस्तुएं दान करनी चाहिए।मान्यता है कि इस दिन जल से भरा कलश मंदिर में दान करने से तीर्थों के दर्शन करने के बराबर पुण्य मिलता है।

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पूर्णिमा पर करें पीपल के वृक्ष की पूजा

शास्त्रों में उल्लेख है कि पूर्णिमा के दिन पीपल के वृक्ष में मां लक्ष्मी का वास होता है। इस दिन सुबह स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर कुछ मीठा चढ़ाकर कच्चा दूध मिश्रित जल अर्पित करना चाहिए।

चंद्र ग्रहण और वैशाख पूर्णिमा के मौके पर करें ये उपाय

चंद्रदेव की पूजा
आर्थिक समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय चन्द्रमा को कच्चे दूध में चीनी और चावल मिलाकर “ॐ स्रां स्रीं स्रौं स:चन्द्रमासे नम:” या ” ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:” मंत्र का जप करते हुए अर्ध्य देना चाहिए। ऐसा करने से धीरे धीरे आर्थिक समस्याएं खत्म हो जाती हैं। पति-पत्नी के जीवन में मधुरता के लिए पूर्णिमा के दिन पति-पत्नी में से किसी को चंद्रमा को अर्घ्य अवश्य देना चाहिए,या दोनों को एक साथ दे सकते हैं।

चंद्र ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का करें जाप

ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
ॐ सों सोमाय नमः।
ॐ चं चंद्रमस्यै नम:
ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:
ॐ ऐं क्लीं सौमाय नामाय नमः।