अनादि न्यूज़ डॉट कॉम,उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। रामलला सिंहासन पर विराजमान हो गए हैं। 5 साल के बालक रूप में विराजमान रामलला का सोने के आभूषणों से श्रृंगार देख लोग भाव-विभोर हो गए। 200 किलो की प्रतिमा को 5 किलो सोने के जेवरात पहनाए गए हैं। नख से ललाट तक भगवान जवाहरतों से सजे हुए हैं।
राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद सरयू घाट पर ‘सरयू आरती’ की गई।
राम मंदिर ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर का वीडियो। रामलला ने सिर पर सोने का मुकुट पहना है। मुकुट में लाल और हरे रंग के रत्न जड़े हुए हैं। इसमें किनारे मोतियों की झालर लटकी हुई है। माथे के बीचों-बीच सफेद धातु से बना तिलक बना हुआ है। कमर में करधनी, कान में सोने के कुंडल पहने हुए हैं। गले में हरा-सफेद और लाल रंग के मोतियों की दिव्य-भव्य माला है। इसका पैंडल रामलला की नाभि तक लटक रहा है।
श्रीराम जन्मभूमि में तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मेहमानों को अयोध्या पर किताब, मेटल से बना दीया, एक विशेष माला और राम नामी दुपट्टा दिया। किताब का शीर्षक अयोध्या धाम – द लॉर्ड्स एबोड है, जिसके कवर पर रामलला की पुरानी मूर्ति की तस्वीर भी है। माला एक कपड़े की थैली में है जिस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन की टैगलाइन है। मेहमानों को चार लड्डू, चिप्स, रेवड़ी, काजू और किशमिश का डिब्बा भी मिला।
PM नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने वाले मजदूरों पर फूलों की वर्षा की। ये मजदूर मंदिर बनाने वाली अलग-अलग कंपनियों के हैं। इन्होंने दिन रात मेहनत कर तय समय पर मंदिर का निर्माण किया। अयोध्या में स्थित कुबेर टीला पर एक प्राचीन शिव मंदिर है। श्री राम मंदिर के निर्माण के साथ साथ श्रीराम भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस मंदिर का भी पुनरुद्धार करवाया है। मान्यता है कि यहां धन के देवता कुबेर आए थे और टीले पर भगवान शंकर की पूजा के लिए शिवलिंग की स्थापना की थी। यहां मां पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की भी मूर्तियां हैं।