अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, नई दिल्ली : ‘ऑर्गनिज़र’ मैगज़ीन जो राष्ट्रीय स्वंमसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी हैं, अपने ताज़ा अंक में कहा है, ‘ सोमनाथ से संभल और उससे आगे तक इतिहास की सच्चाई जानने और सभ्यतागत न्याय हासिल करने की लड़ाई है।’ यह मामला इसलिए प्रकाश में आया , जब कुछ दिनों पहले सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंदिर- मस्जिद विवाद में अपनी राय रखते हुए कहा था – आयोयड्या में राम मंदिर निर्माण के बाद कुछ लोगों को लगने लगा है की ऐसे मुद्दों को उठाकर ‘हिन्दुओं के नेता’ बन सकते है। मैगज़ीन के संपादक प्रफुल केतकर ने कहा की लोगों को इन मुद्दों को सिर्फ हिन्दू – मुस्लिम विवाद के रूप तक सिमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इतिहास पर आधारित सभ्यतागत न्याय पाने के लिए विवेकपूर्ण और समावेशी बहस की ज़रूरत है, जिसमें समाज के सभी वर्ग शामिल है।
हालाँकि सम्पादिकीय में खुलकर कांग्रेस और कम्युनिस्टों की मिली भगत के बारे में चर्चा की गई और कैसे भारत के इतिहास से छेड़छाड़ की गई है और आक्रमताओं को साफ़- सुथरी और निर्दोष बताने की कोशिश की गई है। कांग्रेस ने सामाजिक न्याय के कार्यान्वन में देरी की और चुनावी लाभ के लिए जातिगत पहचान का शोषण किया।