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बीजापुर में बरसी आफत- बह गए पुल

अनादि न्यूज़ डॉट कॉम,बस्तर पिछले तीन दिन से अधिकांश इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, लेकिन बीजापुर में लगातार हो रही बारिश से आफत खड़ी हो गई है। यहां की पांचों तहसीलों में दर्जनों मकान गिर गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सड़कें और पुल टूट रहे हैं। नदी-नालों के बहाव में अधिकांश पुल डूब गए हैं। बीजापुर में बुधवार को बारिश के तीसरे दिन 24 घंटे में 210 मिमी (21 सेमी) पानी बरस गया। छत्तीसगढ़ के बाकी हिस्से में पिछले 24 घंटे में मध्यम बारिश रिकार्ड की गई है। जुलाई में पूरे प्रदेश में हो रही अच्छी बारिश से पानी का कोटा सामान्य है। केवल 11 फीसदी कम पानी गिरा है। यह सामान्य है।

प्रदेश में अभी तक 519.1 मिमी की तुलना में 460.8 मिमी पानी गिरा है। बीजापुर के अलावा बस्तर के उसूर में 15, भैरमगढ़ में 13, भोपालपटनम में 10, सुकमा में 5 सेमी बारिश हुई। इसी तरह माकड़ी, कोंटा, छिंदगढ़, पथरिया, केशकाल में 4, कोंडागांव, कटेकल्याण, ओरछा, नारायणपुर, जगदलपुर में 3-3 सेमी पानी गिरा। कई इलाकों में 1 से 2 सेमी व इससे कम भी बारिश रिकार्ड की गई। राजधानी समेत प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश हो रही है। बारिश के बावजूद उमस ने लोगों को हलाकान कर दिया है। प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री तक ज्यादा है। केवल जगदलपुर में दोपहर का तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 26.6 डिग्री रहा। वहीं राजधानी का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है।

प्रदेश में सर्वाधिक तापमान सक्ती में रहा। वहां बारिश नहीं होने से पारा 37.6 डिग्री पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1 से 3 डिग्री तक ज्यादा है। इसके कारण भी रात में भी उमस बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण ओडिशा व उससे लगे उत्तर तटीय आंध्रप्रदेश के ऊपर बना हुआ है।

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इसके साथ ही एक ऊपरी हवा का चक्रवात 7.6 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। यही नहीं मानसून द्रोणिका बीकानेर से मंडला दुर्ग से कम दबाव का क्षेत्र से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 1.5 किमी की ऊंचाई पर बनी हुई है। एक विंड शियर जोन भी बना हुआ है। इसके असर से प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

नैमेड़-कुटरू मुख्यमार्ग समेत अधिकांश भीतरी रास्ते बंद हैं। मंगलवार रात बासागुड़ा पोटाकेबिन में इतना पानी घुसा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए बच्चों को रातोंरात सारकेगुड़ा शिफ्ट करना पड़ा। बीजापुर मुख्यालय के कोकड़ापारा में रात में कमर तक पानी घुस गया। इलमिड़ी से बुरकापारा की कंक्रीट रोड और पुल का कुछ हिस्सा उखड़ गया है। यंगपल्ली से बीजपारा तक बनी पीएमजीएसवाय सड़क उखड़ गई है।

बीजापुर तहलीदार ने बताया कि पामलवाया के पास पेड़ गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। कुटरू तहसीलदार के अनुसार अम्बेली नाला उफान पर होने से हालात बिगड़े पर अब काबू में हैं। तुमला नाला भरा होने से नैमेड़-कुटरू मार्ग बंद है। भैरमगढ़ तहसीलदार के अनुसार फुलगट्टा में नाले का पानी ऊपर चल रहा है, तो मिंगाचल नदी का पानी पुल तक पहुंच गया है। बारिश से कर्रेमरका में 11 मकान टूटे हैं। उसूर तहसीलदार के अनुसार तिम्मापुर, लिंगागिरी व चिंताकोंटा में आधा दर्जन मकान गिरने की खबर आई है। गंगालूर तहसीलदार के अनुसार चेरपाल नदी का पुल मंगलवार रात से बंद हो गया। बुधवार को सुबह यातायात बहाल हो सका।

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