देश में हाईवे सड़कों की बनने की रफ्तार अगले साल से बढ़ने वाली हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि 2023 से देश में हर दिन 60 किलोमीटर हाईवे बनाई जाएंगी। मौजूदा समय में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हर दिन 40 किलोमीटर हाईवे बना रही है। गडकरी का कहना है कि निर्माण की रफ्तार को बढ़ाकर 60 किलोमीटर प्रतिदिन करना है।
एनएचएआई को चालू वित्तीय वर्ष में 12,000 किलोमीटर हाईवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण करना है। एनएचएआई के कुछ लम्बे समय से लंबित परियोजनाओं में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे है जिसका निर्माण पूरा होने के बाद दोनों शहरों के बीच का सफर केवल 12 घंटों में पूरा किया जा सकेगा। एनएचएआई पिछले तीन साल में कई नए नेशनल हाईवे परियोजनाओं पूरा कर चुकी है।
अप्रैल 2019 से बाद से देश में 30,000 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए गए हैं। इनमें दिल्ली को मेरठ और लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ने वाला हाईवे भी शामिल है। अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच एनएचएआई औसतन 37 किलोमीटर प्रति दिन की रफ्तार से हाईवे का निर्माण कर रही थी। हालांकि, कोरोना महामारी के चलते पिछले वित्तीय वर्ष में यह रफ्तार घटकर औसत स्तर पर 28.64 किलोमीटर रह गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, एनएचएआई को मार्च 2023 तक देश में 12,000 किलोमीटर हाईवे की परियोजना को पूरा करना है। पिछले साल देश में 10,500 किलोमीटर हाईवे का निर्माण किया गया था। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की ऐसी 26 परियोजनाएं हैं जो इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत में पूरी हो जाएंगी।
नितिन गडकरी ने बताया कि एनएचएआई अपने हाईवे परियोजनों को पूरा करने के लिए धन जुटा रही है। एनएचएआई देश भर के हाईवे और एक्सप्रेसवे में टोल टैक्स से राजस्व इकठ्ठा करती है। पिछले साल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने टोल टैक्स से 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहित किया। 2024 तक टोल टैक्स संग्रहण के बढ़कर 1.40 करोड़ रुपये तक होने का अनुमान है।