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छठ पर्व का समापन, उदयगामी सूर्य को भक्तों ने दिया अर्घ्य

Chhath Puja First Arghya Live: आज महापर्व ‘छठ’ पूजा का आखिरी दिन था। आज सुबह सूर्यदेव को अर्ध्य दिया गया। सुबह अर्ध्य देने के बाद ही छठ महापर्व के व्रत का समापन हो गया। इस दौरान बिहार समेत पूरा पूर्वांचल छठ के रंग में रंगा हुआ नजर आया। चारों ओर छठ की छठा बिखरी हुई दिखी। सुबह अर्ध्य के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। छठ पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने लखनऊ के गोमती नदी घाट पर सूर्य को अर्घ्य दिया।ओडिशा में छठ पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं ने कुआखाई नदी घाट पर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया।

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पर्व मनाया जाता है।

इस साल यह तिथि 30 अक्टूबर 2022, रविवार को थी। छठ पर्व की शुरुआत 28 अक्टूबर को नहाए-खाय के साथ हुई थी। 29 अक्टूबर को छठ पर्व का दूसरा दिन खरना मनाया गया। 30 अक्टूबर को डूबते सूर्य को पहला अर्घ्य दिया गया और 31 अक्टूबर यानी आज को उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ छठ पर्व संपन्न हुआ। देखें तस्वीरें- छठ पर्व मुख्य तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। छठ पर्व में 36 घंटे का निर्जला व्रत रखा जाता है।

देशभर में मनाया गया छठ महापर्व

छठ पर्व मुख्य तौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। लेकिन इसके साथ देश के कोने कोने में यह पर्व मनाया जाता है। राजधानी भोपाल में छठ पूजा के अवसर पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। वहीं गंडक नदी चंपारण बिहार में भी विधि विधान से छठ पर्व को मनाया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ व्रत खास तौर पर संतान प्राप्ति और उसकी खुशहाली के लिए रखा जाता है। जो लोग संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए यह व्रत लाभकारी साबित होता है। मान्यता है कि छठ पूजा करने से छठी मइया की कृपा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। छठ पूजा उषा अर्घ्य समय- गुरुवार सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य का समय 6:27 बजे था।

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