अनादि न्यूज़ डॉट कॉम, :रोजाना 10000 कदम पैदल चलने की सलाह दी जाती है, इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। लेकिन अक्सर आपने पार्क में लोगों को नंगे पैर घास पर चलते देखा होगा। उनसे पूछने पर कोई कहता है कि नंगे पैर घास पर टहलने से आंखों की रोशनी तेज होती है, तो किसी का कहना होता है कि इससे तनाव में कमी आती है। एक आंटी के मुताबिक घास पर बिना चप्पल चलने से पैरों में दर्द से राहत मिलती है। अलग-अलग लोग और अलग-अलग बातें। लेकिन क्या सच में घास पर नंगे पैर चलने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर होता है? और अगर होता है तो क्या स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं? आइए जानते हैं हरी घास पर नंगे पैर चलने के क्या हैं फायदे और स्वास्थ्य लाभ के लिए वॉक का सही तरीका।
नंगे पैर घास पर चलने से आंखों की रोशनी बढ़ती है, इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। हालांकि घास पर नंगे पैर चलना एक आरामदेह गतिविधि है, जो कई तरह के स्वास्थ्य लाभ दे सकती है। ज्यादातर हम कठोर सतह वाले जूते-चप्पल पहने रहते हैं, लेकिन प्रकृति के साथ जुड़ने का यह माध्यम स्वास्थ्य को आश्चर्यचकित लाभ दे सकता है। यह आरामदायक अनुभव की तरह तो लगता ही है, साथ ही घास पर नंगे पैर चलने की क्रिया हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को गहराई से प्रभावित कर सकती है। इससे रक्त संचार बेहतर होता है जो तनाव, अनिद्रा समेत शरीर को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ देता है।
चिंता और तनाव होता है कम
घास पर नंगे पैर चलने का सबसे पहला और दिखने वाला लाभ यह है कि यह तुरंत मूड को बेहतर बनाता है। प्रकृति में रहने से कोर्टिसोल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, जो तनाव के लिए जिम्मेदार हार्मोन है। 2013 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, आसपास की हरियाली पुरुषों और महिलाओं दोनों में तनाव को कम करने में मदद कर सकती है। जब आप नंगे पैर चलते हैं तो धरती से शारीरिक संबंध आपको जमीन से जुड़ा महसूस कराता है जिसे “अर्थिंग” या “ग्राउंडिंग” के रूप में जाना जाता है। घास पर नंगे पैर चलने से आपको रात में बेहतर नींद आती है।
बेहतर संतुलन के साथ बेहतर मुद्रा
नंगे पैर चलने से आपके पैर अधिक स्वाभाविक रूप से चलते हैं, जिससे मुद्रा और संतुलन में सुधार होता है। जब आप बहुत अधिक कुशनिंग या हील्स पहनते हैं तो आपका सामान्य चलने का तरीका बाधित हो सकता है। घास पर चलने से आपके पैरों की मांसपेशियां अधिक सक्रिय होती हैं, जिससे बेहतर संतुलन मिलता है। समय के साथ, यह आपके पैर और पैर की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद कर सकता है, जिससे संतुलन और मुद्रा में सुधार होता है।
बेहतर रक्त संचार
घास पर नंगे पैर चलने का एक और शानदार स्वास्थ्य लाभ रक्त संचार में सुधार है। जब आप नंगे पैर चलते हैं, तो आपके पैर स्वाभाविक रूप से जमीन पर दबाव डालते हैं जो आपके पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को उत्तेजित कर सकता है। 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से हरी और ताजी घास के संपर्क में रहते हैं, उनका रक्तचाप संतुलित पाया गया है।
पैरों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर
घास जैसी प्राकृतिक सतहों पर चलने से आपके पैरों की मांसपेशियों, जोड़ों और टेंडन (जो मांसपेशियों को हड्डियों से जोड़ता है) को मजबूती मिलती है। यह आपके पैरों के प्राकृतिक आर्च को भी बढ़ावा देता है, जिससे पैरों से जुड़ी समस्याओं जैसे कि फ्लैट फ़ीट या प्लांटर फेशिआइटिस के विकसित होने का जोखिम कम हो सकता है।
विटामिन डी मिलता है
घास पर नंगे पैर चलने से विटामिन डी के स्तर पर सीधे असर नहीं पड़ता है, लेकिन इस अभ्यास के लिए आमतौर पर लोग घर से बाहर धूप के संपर्क में आते हैं। सूरज की रोशनी में रहना शरीर के लिए विटामिन डी के उत्पादन का सबसे प्राकृतिक तरीका है। घास पर नंगे पैर चलने में बस कुछ मिनट बिताने से आपके शरीर को इस आवश्यक पोषक तत्व मिलता है जो हड्डियों के स्वास्थ्य, इम्यून फंक्शन और समग्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कब चले नंगे पैर घास पर
सुबह सूर्योदय के समय लगभग 15 से 30 मिनट हरी घास पर नंगे पैर चलना अधिक स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। शाम को भी घास पर टहल सकते हैं लेकिन सुबह टहलना ज्यादा बेहतर समय होता है।