आय से अधिक संपत्ति मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से रमन सिंह को बड़ी राहत, कांग्रेस को लगा झटका
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई से जांच की मांग को लेकर मामले में बुधवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कांग्रेस नेता विनोद तिवारी की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि यह याचिका चलने योग्य नहीं है।
गौरतलब है कि रायपुर के कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की संपत्ति की जांच की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल करके कहा था कि रमन सिंह ने साल 2008, 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी संपत्ति छुपाते हुए शपथ पत्र में गलत जानकारी का उल्लेख किया था। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए याचिका के माध्यम से अदालत के समक्ष मांग रखी थी,कि रमन सिंह के संपत्ति बढ़ने की जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। भाजपा ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए अपने ऑफिशियल ट्विटर हेंडल पर सत्य मेव जयते लिखा।
इधर अदालत के फैसले के बाद डॉ.रमन सिंह ने रायपुर में प्रेस कांफ्रेंस लेते हुए अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने मेरे ऊपर आय से अधिक संपत्ति के मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। पिछले लंबे समय से कांग्रेस द्वारा इस मामले में मेरे ऊपर गंभीर आरोप लगाया गया, उस समय भी मैंने कहा था कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। आज उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने इस मामले को तथ्यहीन, निराधार और राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।
डॉ रमन सिंह ने बताया कि उच्च न्यायालय ने उनसे जुड़े प्रकरण में कहा है कि जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए है उनके आधार पर कोई आरोप नहीं बनता है और याचिका राजनीति से प्रेरित है। न्यायालीन प्रक्रियाओं का दुरूपयोग किया गया। आधारहीन दस्तावेज और सिर्फ आंकलन के आधार पर याचिका दायर की गई।